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कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक ने आतंकी मामले में दिल्ली कोर्ट के सामने अपना गुनाह कबूला

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(Last Updated On: May 12, 2022)


कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष सभी आरोपों के लिए दोषी ठहराया, जिसमें कड़े गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत शामिल हैं। मामला 2017 में कश्मीर घाटी में कथित आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों से जुड़ा है।

मलिक ने कथित तौर पर अदालत को बताया कि वह धारा 16 (आतंकवादी अधिनियम) और धारा 17 (आतंकवादी कृत्यों के लिए धन जुटाने) सहित अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुकाबला नहीं कर रहे हैं।

अदालत 19 मई को मामले की फिर से सुनवाई करेगी और मलिक के खिलाफ सजा की मात्रा पर फैसला करेगी।

मलिक पर यूएपीए की धारा 18 (आतंकवादी कृत्य करने की साजिश), और 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 124-ए (देशद्रोह) का भी आरोप लगाया गया था। .

आरोप पत्र लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ भी दायर किया गया था, जिन्हें आतंकी मामले में भगोड़ा अपराधी (पीओ) घोषित किया गया है।

इस बीच, अदालत ने फारूक अहमद डार उर्फ ​​बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, मोहम्मद यूसुफ शाह और कई अन्य सहित अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए हैं।





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Copyright © 2017 राजेश सिन्हा . भारतीय वायुसेना में सेवा का अनुभव है .

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